AI Summit India 2026: भारत के टेक भविष्य की सबसे बड़ी झलक

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AI Summit India 2026: भारत के टेक भविष्य की सबसे बड़ी झलक
AI Summit India 2026: भारत के टेक भविष्य की सबसे बड़ी झलक

भारत में आयोजित India AI ImpactSummit 2026 सिर्फ एक टेक इवेंट नहीं था बल्कि यह उस दिशा की झलक थी जिसमें देश आने वाले वर्षों में अपनी डिजिटल और आर्थिक ताकत को आगे बढ़ाना चाहता है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस वैश्विक सम्मेलन ने नीति-निर्माताओं, टेक कंपनियों, स्टार्टअप्स और अंतरराष्ट्रीय संगठनों को एक मंच पर लाकर AI के भविष्य पर गंभीर चर्चा शुरू की है।

 

यह समिट उस समय आयोजित हुआ जब दुनिया भर में AI को लेकर प्रतिस्पर्धा तेज हैचाहे वह चिप्स और डेटा सेंटर हों या AI नियम और रोजगार के अवसर। ऐसे में भारत का यह आयोजन वैश्विक स्तर पर देश की भूमिका को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।


 

समिट का उद्देश्य: “AI for All” का विज़न

 

सरकार द्वारा आयोजित इस समिट का मुख्य उद्देश्य AI को सिर्फ तकनीकी प्रगति तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उसे समावेशी विकास, सार्वजनिक सेवाओं और सामाजिक चुनौतियों के समाधान से जोड़ना था।

इस समिट में खास तौर पर तीन बातों पर जोर दिया गया:

 

  • ·         AI को विकासशील देशों के लिए उपयोगी बनाना
  • ·         जिम्मेदार और सुरक्षित AI का ढांचा तैयार करना
  • ·         सार्वजनिक सेवाओं में AI का बड़े स्तर पर उपयोग

 

सरकारी पहल “AI for ALL” ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज इसी सोच का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य बड़े पैमाने पर समाज पर प्रभाव डालने वाले AI समाधानों को आगे बढ़ाना है।

 

वैश्विक नेताओं और टेक दिग्गजों की मौजूदगी

 

यह समिट वैश्विक स्तर पर भी काफी अहम रहा। इसमें लगभग 20 देशों के प्रमुख नेता और दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के CEO शामिल हुए।

 

सम्मेलन में शामिल प्रमुख प्रतिभागी:

  • ·         भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • ·         फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
  • ·         ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा
  • ·         संयुक्त राष्ट्र के महासचिव
  • ·         Google, Microsoft, OpenAI, Qualcomm जैसी कंपनियों के शीर्ष अधिकारी

 

यह पहली बार था जब ग्लोबल साउथ में इतना बड़ा AI समिट आयोजित हुआ, जिससे भारत को AI शासन और सहयोग के केंद्र के रूप में देखा जाने लगा।

 

बड़े आंकड़े: समिट की झलक एक नजर में

 

  • ·         आयोजन स्थल: भारत मंडपम, नई दिल्ली
  • ·         अवधि: लगभग पाँच दिन का कार्यक्रम
  • ·         20+ देशों के नेता शामिल
  • ·         300+ प्रदर्शक और 30+ देशों की भागीदारी एक्सपो में
  • ·         अनुमानित कुल उपस्थिति: करीब 2.5 लाख लोग

इन आंकड़ों से साफ है कि यह समिट सिर्फ एक सम्मेलन नहीं बल्कि एक बड़े टेक-इकोसिस्टम का प्रदर्शन था।

 

सबसे बड़े ऐलान और नीतिगत संकेत

1) भारत का GPU इंफ्रास्ट्रक्चर दोगुना करने की योजना

समिट के दौरान केंद्रीय आईटी मंत्री ने घोषणा की कि भारत अगले छह महीों में 50,000 से अधिक नए GPU तैनात करेगा।

इससे देश की कुल AI कंप्यूटिंग क्षमता एक लाख GPU से ज्यादा हो सकती है।

यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि

  • ·         AI मॉडल ट्रेनिंग के लिए GPU जरूरी हैं
  • ·         इससे स्टार्टअप्स और रिसर्च को गति मिलेगी
  • ·         भारत का AI इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा

 

2) डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश

समिट के दौरान यह भी सामने आया कि भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े निवेश की तैयारी है।

  • ·         टाटा समूह ने डेटा सेंटर प्रोजेक्ट शुरू किया
  • ·         शुरुआती चरण में 100 मेगावाट क्षमता
  • ·         भविष्य में 1 गीगावाट तक विस्तार की योजना

रिपोर्ट्स के अनुसार भारत AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है जहां Google, Amazon, Microsoft जैसी कंपनियां निवेश कर रही हैं।

 

3) गूगल की नई साझेदारियाँ और फंड

 

समिट में गूगल ने कई घोषणाएँ कीं:

  • ·         AI अनुसंधान के लिए दो वैश्विक फंड (30-30 मिलियन डॉलर)
  • ·         DeepMind के साथ सहयोग
  • ·         सरकारी कर्मचारियों के लिए AI आधारित प्रशिक्षण पहल

इसके अलावा भारत-अमेरिका के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए समुद्र के नीचे केबल परियोजना की घोषणा भी हुई।

 

समिट में दिखे प्रमुख AI उपयोग

समिट में कई सेक्टरों में AI के उपयोग को प्रदर्शित किया गया, जैसे:

  • ·         स्वास्थ्य सेवाएँ
  • ·         शिक्षा
  • ·         स्मार्ट होम समाधान
  • ·         संस्कृति और भाषा तकनीक

एक प्रमुख भारतीय कंपनी ने अपने AI-आधारित समाधान दिखाए जो स्वास्थ्य, शिक्षा और घरेलू तकनीक में बदलाव ला सकते हैं। सरकारी पवेलियनों में भी नागरिक-केंद्रित AI समाधानों को दिखाया गया, खासकर स्वास्थ्य और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े उपयोगों में।

 

AI शासन और वैश्विक सहयोग पर जोर

यह समिट सिर्फ तकनीक तक सीमित नहीं था। इसमें AI के

  • ·         नैतिक उपयोग
  • ·         रोजगार पर प्रभाव
  • ·         वैश्विक नियम

पर भी चर्चा हुई।

विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि AI को नौकरियाँ खत्म करने के बजाय नए अवसर पैदा करने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। भारत ने इस मंच के जरिए खुद को ग्लोबल साउथ की आवाज़ के रूप में पेश किया, ताकि AI के नियम सिर्फ विकसित देशों के हितों के आधार पर बनें।

 

न्यू दिल्ली डिक्लेरेशनकी संभावना

समिट के अंत में एक गैर-बाध्यकारी (non-binding) घोषणा पत्र जारी होने की उम्मीद जताई गई जिसमें AI के जिम्मेदार उपयोग और वैश्विक सहयोग पर सहमति बन सकती है। यह दस्तावेज भविष्य के AI नियमों और साझेदारियों के लिए दिशा तय कर सकता है।

 

चुनौतियाँ भी सामने आईं

 

हालाँकि समिट काफी बड़ा और प्रभावशाली रहा लेकिन आयोजन के शुरुआती दिन कुछ समस्याएँ भी सामने आईं:

  • ·         लंबी कतारें
  • ·         भीड़भाड़
  • ·         पास और एंट्री को लेकर भ्रम
  • ·         लॉजिस्टिक दिक्कतें

इन मुद्दों के बाद आयोजन को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाए गए और एक्सपो की अवधि बढ़ा दी गई।

 

भारत के लिए इसका क्या मतलब है?

1) AI में वैश्विक नेतृत्व की दिशा

यह समिट भारत को

  • ·         AI नीति
  • ·         वैश्विक सहयोग
  • ·         टेक निवेश

में अग्रणी देश के रूप में स्थापित करने की दिशा में कदम है।

 

2) स्टार्टअप्स और रिसर्च को बढ़ावा

  • ·         GPU विस्तार और डेटा सेंटर निवेश से
  • ·         स्टार्टअप्स के लिए लागत कम हो सकती है
  • ·         रिसर्च और मॉडल ट्रेनिंग आसान होगी

 

3) रोजगार और स्किलिंग

समिट में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि

AI नौकरियाँ खत्म नहीं करेगा, बल्कि

  • ·         नए रोल बनाएगा
  • ·         री-स्किलिंग जरूरी होगी

 

भविष्य की दिशा: क्या बदल सकता है?

AI Summit 2026 के बाद भारत में इन क्षेत्रों में तेजी सकती है:

  • ·         लोकल AI मॉडल और भाषा तकनीक
  • ·         सरकारी सेवाओं में ऑटोमेशन
  • ·         हेल्थटेक और एग्रीटेक समाधान
  • ·         AI-आधारित शिक्षा प्लेटफॉर्म
  • ·         डेटा सेंटर और चिप इंफ्रास्ट्रक्चर

 

निष्कर्ष

 

AI Summit India 2026 ने साफ कर दिया कि भारत सिर्फ AI का उपभोक्ता नहीं बल्कि एक वैश्विक AI शक्ति बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। GPU विस्तार, वैश्विक निवेश, नीति-स्तर पर सहयोग और “AI for All” जैसे विज़न यह संकेत देते हैं कि आने वाले वर्षों में भारत का टेक इकोसिस्टम तेजी से बदलने वाला है।

अगर घोषणाएँ ज़मीन पर सही तरीके से लागू होती हैं तो यह समिट आने वाले दशक में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।


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